BAMS Intern Doctors Protest: रायपुर में BAMS इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन, स्वास्थ्य मंत्री के बंगले का घेराव; स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर मिला आश्वासन
BAMS Intern Doctors Protest: राजधानी रायपुर में BAMS UG इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन देखने को मिला। बढ़े हुए स्टाइपेंड की मांग को लेकर बड़ी संख्या में इंटर्न डॉक्टर स्वास्थ्य मंत्री के बंगले पहुंचे और घेराव किया। प्रदर्शनकारी डॉक्टरों का आरोप है कि स्टाइपेंड बढ़ाने की बात सामने आने के बावजूद उन्हें बढ़ी हुई राशि का लाभ नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि हर बार बढ़े हुए स्टाइपेंड के लिए उन्हें कई महीनों तक संघर्ष करना पड़ता है।
प्रदर्शन के बाद इंटर्न डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात की और अपनी मांगें उनके सामने रखीं। स्वास्थ्य मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की पूरी बात सुनी और उनकी मांगों पर आश्वासन दिया।
स्टाइपेंड बढ़ा या अभी नहीं? मंत्री ने किया स्पष्ट
मुलाकात के दौरान BAMS इंटर्न डॉक्टरों ने सवाल उठाया कि स्टाइपेंड बढ़ाने की घोषणा होने के बावजूद उन्हें इसका लाभ क्यों नहीं मिल रहा है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि अभी MBBS छात्रों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी का आदेश जारी नहीं हुआ है।
मंत्री के मुताबिक, सरकारी नियमों के अनुसार BAMS इंटर्न का स्टाइपेंड MBBS छात्रों के स्टाइपेंड के अनुरूप तय होता है। यानी MBBS इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ने पर BAMS इंटर्न का स्टाइपेंड भी उसी के अनुरूप बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग को मुख्यमंत्री के समक्ष भी रखा गया है और स्टाइपेंड बढ़ाने की प्रक्रिया को लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्टरों का आरोप- हर बार करना पड़ता है संघर्ष
प्रदर्शनकारी BAMS इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि स्टाइपेंड बढ़ाने के लिए उन्हें हर बार 7 से 8 महीने तक संघर्ष करना पड़ता है। उनका आरोप है कि MBBS छात्रों को बढ़े हुए स्टाइपेंड का लाभ पहले मिल जाता है, जबकि BAMS इंटर्न को इसके लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है।
हालांकि, स्वास्थ्य मंत्री के बयान के बाद यह स्पष्ट हुआ कि फिलहाल बढ़े हुए स्टाइपेंड का कोई अंतिम आदेश जारी नहीं हुआ है।
BAMS Intern Doctors Protest: मंत्री के आश्वासन से संतुष्ट नजर आए डॉक्टर
स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात के बाद प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने कहा कि उन्हें मंत्री की ओर से सकारात्मक आश्वासन मिला है। डॉक्टरों के प्रतिनिधि ने कहा कि अगर भविष्य में प्रक्रिया में कोई रुकावट आती है या उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तो वे दोबारा एकजुट होकर आंदोलन कर सकते हैं।
फिलहाल मंत्री के आश्वासन के बाद डॉक्टरों का प्रदर्शन शांत होता नजर आया है।
5 साल से भर्ती नहीं होने का भी उठाया मुद्दा
BAMS इंटर्न डॉक्टरों ने सिर्फ स्टाइपेंड का मुद्दा ही नहीं उठाया, बल्कि आयुर्वेद क्षेत्र में सरकारी पदों पर भर्ती का मुद्दा भी स्वास्थ्य मंत्री के सामने रखा।
डॉक्टरों का कहना है कि पिछले करीब 5 साल से इन पदों पर भर्ती नहीं हुई है। आयुर्वेद की पढ़ाई पूरी करने के बाद सरकारी नौकरी के सीमित अवसर होने के कारण उन्होंने रिक्त पदों पर जल्द भर्ती की मांग की।
इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विभिन्न विभागों में नई भर्तियों की प्रक्रिया के तहत आयुर्वेद के खाली पदों को भी शामिल करने पर काम किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि रिक्त पदों के अनुरूप आने वाले समय में भर्ती की जाएगी।
अब बढ़े हुए स्टाइपेंड के आदेश का इंतजार
फिलहाल BAMS इंटर्न डॉक्टरों को बढ़े हुए स्टाइपेंड के लिए आधिकारिक आदेश का इंतजार है। स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक, MBBS का स्टाइपेंड जिस स्तर पर बढ़ेगा, उसी के अनुरूप BAMS इंटर्न का स्टाइपेंड भी बढ़ाया जाएगा।
अब देखना होगा कि सरकार की ओर से इस संबंध में आदेश कब जारी किया जाता है और प्रदर्शनकारी डॉक्टरों की मांग कब तक पूरी होती है।
