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Jhiram Ghati Case: फैसले के लिए करना होगा और इंतजार, NIA कोर्ट ने बढ़ाई सुनवाई की तारीख

Jhiram Ghati Case: झीरम घाटी हमले पर अब 5 सितंबर को आएगा फैसला, NIA की विशेष कोर्ट ने बढ़ाई तारीख

Jhiram Ghati Case: 13 साल पुराने झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में फैसला एक बार फिर टल गया है। NIA की विशेष अदालत अब 5 सितंबर को अंतिम फैसला सुनाएगी। 25 मई 2013 को हुए इस हमले में कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं समेत 27 लोगों की जान गई थी। आखिर इतने लंबे इंतजार के बाद अब अदालत क्या फैसला सुनाएगी? जानिए झीरम घाटी केस की पूरी कहानी।

Jhiram Ghati Case: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी नक्सली हमले से जुड़े मामले में अंतिम फैसले का इंतजार कुछ और बढ़ गया है। NIA की विशेष अदालत ने मामले में फैसला सुनाने की तारीख आगे बढ़ा दी है। अब इस मामले में 5 सितंबर को अंतिम फैसला आने की उम्मीद है।

इससे पहले 12 अगस्त को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने फैसला सुरक्षित रखते हुए 31 अगस्त की तारीख तय की थी। अब अदालत ने फैसले की तारीख बढ़ाकर 5 सितंबर कर दी है।

25 मई 2013 को हुआ था झीरम घाटी हमला

झीरम घाटी हमला 25 मई 2013 को हुआ था। कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के दौरान सुकमा से जगदलपुर लौट रहे नेताओं के काफिले पर नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया था।

हमले में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं समेत 27 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे। इस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था और छत्तीसगढ़ की राजनीति पर इसका गहरा असर पड़ा।

मारे गए प्रमुख नेताओं में तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, पूर्व मंत्री महेंद्र कर्मा, उदय मुदलियार समेत कई कांग्रेस नेता शामिल थे।

काफिले को घेरकर किया गया हमला

जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा का काफिला सुकमा से जगदलपुर की ओर जा रहा था। झीरम घाटी के पास नक्सलियों ने रास्ते में पेड़ गिराकर काफिले को रोक दिया। इसके बाद भारी गोलीबारी की गई।

हमले के बाद नक्सलियों ने इसकी जिम्मेदारी ली थी। इस घटना को छत्तीसगढ़ में नक्सल हिंसा के सबसे बड़े और चर्चित हमलों में गिना जाता है।

केंद्र सरकार ने NIA को सौंपी थी जांच

हमले के बाद कांग्रेस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था में चूक को लेकर तत्कालीन राज्य सरकार और पुलिस पर सवाल उठाए गए थे। केंद्र सरकार ने मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी थी।

NIA ने जांच के दौरान मामले में आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की और कई लोगों को गिरफ्तार किया। अभियोजन की प्रक्रिया के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई, जबकि अन्य आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।

13 साल बाद फैसले पर टिकी नजरें

Jhiram Ghati Case को अब करीब 13 साल हो चुके हैं। लंबे समय से इस मामले में अंतिम फैसले का इंतजार किया जा रहा है। 12 अगस्त की सुनवाई के बाद 31 अगस्त को फैसला आने की उम्मीद थी, लेकिन अब तारीख आगे बढ़ने के बाद 5 सितंबर को अदालत के निर्णय पर सभी की नजरें रहेंगी।

यह फैसला न केवल कानूनी रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

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