PM Modi ने 174 लोगों की जान बचाने वाले पायलट से की बात, Captain Smit Machhar बोले- ‘भगवान ने ही हमें बचाया’
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में हमले के बावजूद विमान को सुरक्षित संभालने वाले Captain Smit Machhar से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब 9 मिनट बात की। बातचीत के दौरान पायलट भावुक हो गए।
दो दिन पहले हवा में एक ऐसा हादसा हुआ, जिसमें कुछ सेकंड की चूक सैकड़ों लोगों की जान पर भारी पड़ सकती थी। लेकिन गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर ने विमान का नियंत्रण संभाले रखा और 174 यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद कैप्टन स्मित से वीडियो कॉल पर बात कर उनका हाल जाना और उनकी बहादुरी की सराहना की।
An unforgettable conversation with Captain Smit, filled with pride and emotions. pic.twitter.com/CCf46PKOWR
— Narendra Modi (@narendramodi) October 2, 2026
PM मोदी ने कहा- पूरा देश आपके लिए प्रार्थना कर रहा था
प्रधानमंत्री मोदी ने करीब 9 मिनट तक कैप्टन स्मित से बातचीत की। उन्होंने पायलट से कहा कि पूरा देश उनके लिए प्रार्थना कर रहा था और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना कर रहा था।
मोदी ने कहा कि उनके साहस और सूझबूझ की वजह से कई लोगों की जान बची।
प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरान स्मित के परिवार का भी जिक्र किया और उनके माता-पिता को उनके संस्कारों के लिए धन्यवाद दिया।
घायल होने के बाद भी नहीं छोड़ा विमान का कंट्रोल
कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री को बताया कि वह विमान उड़ा रहे थे। तभी अचानक एक झटका लगा और वह नीचे गिर गए। इस दौरान उन्हें गंभीर चोटें आईं।
लेकिन उन्हें महसूस हो रहा था कि विमान नीचे जा रहा है।
ऐसे मुश्किल समय में उन्हें लगा कि उनके पास बहुत कम समय है। उन्होंने विमान के दरवाजे की ओर जाकर उसे खोल दिया।
स्मित ने बताया कि वह मुश्किल समय में हनुमान चालीसा पढ़ते हैं और उस वक्त भी इसे पढ़ रहे थे।
उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि उन्हें लगता है कि भगवान ने ही उन्हें और विमान में मौजूद लोगों को बचाया।
PM मोदी से बात करते हुए भावुक हो गए स्मित
प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का फोन आना उनके लिए गर्व की बात है।
उन्होंने भावुक होकर प्रधानमंत्री से माफी भी मांगी कि वह उनके सामने रो रहे हैं।
इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने इतना बड़ा काम किया है कि देश का हर नागरिक और दुनिया के लोग उन्हें देखना और उनसे बात करना चाहते हैं।
मोदी ने स्मित की मां गीताबेन और पिता भूपेंद्रभाई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्कार देने के लिए वह उनके माता-पिता को प्रणाम करते हैं।
UAE के अस्पताल में चल रहा इलाज
कैप्टन स्मित फिलहाल UAE के अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें सऊदी अरब से एयरलिफ्ट कर अबू धाबी लाया गया था।
UAE में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने भी अस्पताल पहुंचकर कैप्टन स्मित और उनके परिवार से मुलाकात की।
राजदूत के मुताबिक, पायलट की हालत स्थिर है और वह तेजी से ठीक हो रहे हैं। उनका मनोबल भी ऊंचा है।
भारतीय दूतावास की ओर से भी पायलट और उनके परिवार को हर संभव मदद उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
PM मोदी पहले भी कर चुके हैं तारीफ
प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले भी कैप्टन स्मित की बहादुरी की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद पायलट ने धैर्य और साहस का परिचय दिया।
प्रधानमंत्री ने स्मित के माता-पिता और पत्नी से भी बातचीत कर उनकी सेहत की जानकारी ली थी।
नेतन्याहू और ट्रंप ने भी बताया हीरो
कैप्टन स्मित की बहादुरी की चर्चा भारत के बाहर भी हुई। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उनकी बहादुरी की तारी की और उन्हें हीरो बताया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कैप्टन स्मित की बहादुरी की सराहना की।
बताया गया कि विमान में मौजूद 174 लोगों की जान बचाने में कैप्टन स्मित की भूमिका अहम रही।
11 साल से ज्यादा स्पाइसजेट में किया काम
फ्लाईदुबई से पहले कैप्टन स्मित ने 11 साल से ज्यादा समय तक स्पाइसजेट में काम किया था। इस दौरान उन्होंने 9,500 घंटे से ज्यादा उड़ान भरी।
उनके अनुभव में 6,400 घंटे से ज्यादा समय पायलट-इन-कमांड के तौर पर उड़ान भरने का भी बताया जाता है।
जून 2022 में उन्होंने फ्लाईदुबई जॉइन की थी। उनके प्रोफाइल के अनुसार, उन्हें कमर्शियल विमान उड़ाने का 13 साल से ज्यादा का अनुभव है।
अब इजराइल और गुजरात सरकार करेगी सम्मानित
कैप्टन स्मित मच्छर को उनकी बहादुरी के लिए इजराइल की ओर से सम्मानित किए जाने की बात सामने आई है।
वहीं गुजरात सरकार ने भी उन्हें ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ से सम्मानित करने का ऐलान किया है।
एक तरफ अस्पताल में कैप्टन स्मित का इलाज चल रहा है, तो दूसरी तरफ उनकी बहादुरी की कहानी लगातार दुनिया तक पहुंच रही है। मुश्किल हालात में विमान का नियंत्रण संभालने वाले इस भारतीय पायलट की कहानी अब साहस और सूझबूझ की मिसाल के तौर पर सामने आ रही है।
