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Bastar News: बस्तर में बदलेगी IED पीड़ितों की जिंदगी! 6 जिलों के दिव्यांगों के लिए लगेंगे निःशुल्क सेवा शिविर

Bastar News: नक्सल हिंसा के दौरान IED विस्फोटों में अपने हाथ-पैर गंवाने वाले बस्तर के लोगों के लिए अब नई उम्मीद की पहल की जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से बस्तर संभाग में दो बड़े निःशुल्क दिव्यांग सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां जरूरत के अनुसार कृत्रिम हाथ, कृत्रिम पैर, जयपुर फुट, कैलिपर्स और दूसरे सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। IED विस्फोटों से दिव्यांग हुए लोगों को इन शिविरों में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि बस्तर को IED विस्फोटों की पीड़ा से बाहर निकालने के साथ-साथ उन लोगों तक भी सहायता पहुंचाना जरूरी है, जिन्होंने इन विस्फोटों में अपने अंग गंवाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि ऐसे प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी आवश्यकता के अनुसार कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जाएं।

जगदलपुर में 5 से 7 अक्टूबर तक शिविर

पहला तीन दिवसीय शिविर 5, 6 और 7 अक्टूबर को बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में आयोजित किया जाएगा। इसमें बस्तर, कांकेर, नारायणपुर और कोंडागांव जिले के दिव्यांगजन शामिल हो सकेंगे।

विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जगदलपुर शिविर के लिए इन चार जिलों में कुल 2,953 दिव्यांगजन चिन्हांकित किए गए हैं। इनमें बस्तर के 1,570, कोंडागांव के 1,080, कांकेर के 236 और नारायणपुर के 67 दिव्यांगजन शामिल हैं।

दंतेवाड़ा में 15 से 17 अक्टूबर तक दूसरा शिविर

दूसरा शिविर 15, 16 और 17 अक्टूबर को दंतेवाड़ा में लगाया जाएगा। इसमें दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले के हितग्राहियों को लाभ मिलेगा। दोनों शिविरों में भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर के तकनीकी सहयोग से जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

सिर्फ कृत्रिम हाथ-पैर ही नहीं, ये सुविधाएं भी मिलेंगी

शिविर में दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुसार कई तरह के सहायक उपकरण दिए जाएंगे। इनमें श्रवण यंत्र, बैसाखी, स्मार्ट छड़ी या वॉकिंग स्टिक, छड़ी, व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल और कैलिपर्स शामिल हैं। दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के लिए उपयोगी उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

विशेषज्ञों की टीम हितग्राहियों की जांच और नाप लेकर आवश्यकता के अनुसार कृत्रिम अंग तैयार करने में मदद करेगी। इसके अलावा पुराने या क्षतिग्रस्त कृत्रिम अंगों की मरम्मत की व्यवस्था भी शिविर में रखी जाएगी।

IED पीड़ितों को विशेष प्राथमिकता

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि IED विस्फोटों ने जवानों के साथ-साथ आम नागरिकों और पशुओं को भी प्रभावित किया है। जिन नागरिकों ने इन घटनाओं में अपने हाथ या पैर गंवाए हैं, उनके लिए रोजमर्रा की जिंदगी आसान बनाने के उद्देश्य से विशेष व्यवस्था की जा रही है।

शिविर में IED विस्फोट से दिव्यांग हुए नागरिकों को विशेष रूप से चिन्हांकित किया जाएगा। उनकी जरूरत के मुताबिक जयपुर फुट, कृत्रिम हाथ और अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जाएगी। इसके साथ ही अन्य कारणों से दिव्यांग हुए लोग भी शिविर का लाभ उठा सकेंगे।

ग्राम पंचायत से जिला स्तर तक पंजीयन

शिविर में शामिल होने के लिए हितग्राही अपने जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत CEO या जनपद पंचायत CEO से संपर्क कर सकते हैं। ग्राम सभाओं के माध्यम से भी ऐसे हितग्राहियों की जानकारी ग्राम पंचायत सचिव के जरिए जनपद और जिला पंचायत तक पहुंचाई जाएगी।

विभाग के मुताबिक अगर किसी कारण से पहले पंजीयन नहीं हो पाया है, तो जरूरतमंद व्यक्ति सीधे शिविर में भी पहुंच सकता है। शिविर में आने वाले हितग्राहियों के भोजन और ठहरने की व्यवस्था भी की जाएगी।

सरकार का कहना है कि इन दोनों शिविरों के जरिए बस्तर संभाग में IED विस्फोटों से दिव्यांग हुए लोगों तक सहायता पहुंचाने और उनके जीवन की मुश्किलें कम करने का प्रयास किया जाएगा।

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