CJP Protest: जमानत मिलते ही फिर प्रदर्शन का ऐलान
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन एक बार फिर चर्चा में है। अदालत से संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को जमानत मिलने और तत्काल रिहाई के आदेश के बाद CJP ने आज फिर जंतर-मंतर कूच करने का ऐलान किया है। इसके मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ाई गई है। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सात स्तर की बैरिकेडिंग की गई है। वहीं, ट्रैफिक पुलिस ने मध्य दिल्ली और लुटियंस दिल्ली के करीब 30 प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई है।
अभिजीत दिपके के परिवार ने दिल्ली पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
अभिजीत दिपके की रिहाई से पहले उनके परिवार ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनके पिता भगवान दिपके ने आरोप लगाया कि पुलिस परिवार को लगातार गुमराह करती रही और उन्हें बेटे से संपर्क नहीं करने दिया गया।
वहीं, उनकी मां अनीता ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने लगातार अभिजीत से बात करने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। उन्होंने पुलिस पर झूठ बोलने का आरोप भी लगाया।
परिवार के मुताबिक, अभिजीत की दादी का निधन हो गया था। मां ने कहा कि अगर बेटे को इसकी जानकारी मिल जाती, तो वह सब कुछ छोड़कर तुरंत घर पहुंच जाता। परिवार का आरोप है कि उनसे संपर्क नहीं हो पाने के कारण अंतिम संस्कार और अंतिम दर्शन को लेकर भी परेशानी हुई।
AAP, AISA और SFI का समर्थन, केजरीवाल ने की यह अपील
CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन को आम आदमी पार्टी (AAP) के अलावा छात्र संगठनों आइसा (AISA) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) का समर्थन मिलने की बात सामने आई है।
AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आंदोलन का समर्थन करते हुए लोगों से लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के अधिकार की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने ‘शहर-शहर जंतर-मंतर बनाओ’ का नारा देते हुए देशभर में विरोध दर्ज कराने की बात कही।
इस समर्थन के बाद प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जंतर-मंतर की ओर बढ़ने वाले प्रदर्शनकारियों को पुलिस किस तरह नियंत्रित करती है और आंदोलन आगे क्या रुख लेता है।
जंतर-मंतर पर सात लेयर की बैरिकेडिंग, धारा 163 लागू
CJP के दोबारा प्रदर्शन के ऐलान के बाद पुलस ने जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजाम सख्त किए हैं। दी गई जानकारी के मुताबिक, लुटियंस दिल्ली में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की गई है।
जंतर-मंतर के प्रमुख प्रवेश द्वारों पर सात स्तरीय बैरिकेडिंग की गई है और आसपास के कुछ प्रमुख रास्तों को बंद किया गया है। क्षेत्र में ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए निगरानी रखी जा रही है। लाउडस्पीकर से रिकॉर्डेड संदेश प्रसारित कर लोगों को पुलिस के निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।
इसके अलावा, दिल्ली के अंतरराज्यीय बॉर्डर्स पर भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। बाहर से आने वाले वाहनों की जांच की जा रही है, ताकि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
दिल्ली के 30 रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्जन, इन इलाकों में परेशानी संभव
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। इसके अनुसार, मध्य दिल्ली और लुटियंस दिल्ली के करीब 30 प्रमुख मार्गों पर जरूरत के मुताबिक ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जा सकता है।
इसका असर जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस, मंडी हाउस, आईटीओ और धौला कुआं जैसे व्यस्त इलाकों में दिखाई दे सकता है। इन क्षेत्रों में वाहनों की रफ्तार धीमी रहने और जाम लगने की आशंका है।
ट्रैफिक पुलिस ने रेलवे स्टेशन, अंतरराज्यीय बस अड्डों और एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी है। लोगों को घर से निकलने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी देखकर वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की भी सलाह दी जाती है।
CJP Protest पर अब सबकी नजर
अभिजीत दिपके और उनके दो सहयोगियों को जमानत मिलने के बाद CJP ने फिर प्रदर्शन का ऐलान किया है। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं। विपक्षी दलों और छात्र संगठनों के समर्थन के बीच अब यह देखना अहम होगा कि जंतर-मंतर कूच के दौरान क्या स्थिति बनती है और आंदोलन आगे किस दिशा में बढ़ता है।
