छत्तीसगढ़ की राजनीति में शराब घोटाला मामले को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता Bhupesh Baghel शुक्रवार को रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे, जहां उन्होंने शराब घोटाले में गिरफ्तार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल से मुलाकात की। मुलाकात के बाद भूपेश बघेल ने कहा कि रामगोपाल अग्रवाल को फंसाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं को परेशान करने के लिए इस तरह की कार्रवाई की जा रही है।
रायपुर सेंट्रल जेल में भूपेश बघेल ने की मुलाकात
जानकारी के मुताबिक, भूपेश बघेल शुक्रवार को रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे थे। यहां उन्होंने रामगोपाल अग्रवाल से मुलाकात की। अग्रवाल को छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किया गया है।
यह पहली बार नहीं है जब भूपेश बघेल उनसे मिलने जेल पहुंचे हैं। गिरफ्तारी के बाद भी दोनों के बीच मुलाकात हो चुकी है।
इस मामले में भूपेश बघेल ने रामगोपाल अग्रवाल का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें फंसाया जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाए जाने का आरोप भी लगाया।
रिहाई को लेकर बचाव पक्ष के वकील ने क्या कहा?
रामगोपाल अग्रवाल की जमानत और रिहाई को लेकर बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है।
उनके मुताबिक, रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ कुल छह मामले दर्ज हैं। इनमें से दो मामलों में उन्हें जमानत मिल चुकी है, जबकि चार मामले अभी लंबित हैं। वकील के अनुसार, इन चारों मामलों में जमानत मिलने के बाद ही उनकी रिहाई संभव हो सकेगी।
FIR में नाम नहीं होने का बचाव पक्ष का दावा
बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी का दावा है कि रामगोपाल अग्रवाल का नाम किसी भी FIR में नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि अग्रवाल को एक अन्य आरोपी के बयान के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।
वकील ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बताते हुए कहा कि रामगोपाल अग्रवाल कांग्रेस पार्टी के कोषाध्यक्ष रहे हैं और इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
हालांकि, ये बचाव पक्ष के आरोप और दावे हैं। मामlले में अंतिम फैसला न्यायालय की ओर से किया जाना है।
ED का क्या है रामगोपाल अग्रवाल पर आरोप?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि छत्तीसगढ़ में करीब 3,000 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले में रामगोपाल अग्रवाल की अहम भूमिका थी।
जांच एजेंसी के मुताबिक, इस कथित घोटाले से सिंडिकेट ने अपराध के जरिए बड़ी रकम अर्जित की थी। यह रकम नकदी के रूप में जुटाई गई और इसका एक बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के तत्कालीन कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाया गया।
ED का दावा है कि अग्रवाल ने कथित तौर पर घोटाले से अर्जित धन को मैनेज करने में भूमिका निभाई थी। इसी धनशोधन जांच के सिलसिले में उन्हें रायपुर केंद्रीय जेल से गिरफ्तार किया गया था।
मुख्य चार्जशीट में नहीं था नाम, पूरक सूची में किया गया शामिल
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रामगोपाल अग्रवाल का नाम ED की मुख्य चार्जशीट में शामिल नहीं था, बल्कि उनका नाम पूरक आरोपपत्र में सामने आया।
इस मामले में ED और बचाव पक्ष के दावों के बीच कानूनी लड़ाई जारी है। एक तरफ जांच एजेंसी करोड़ों रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क में उनकी भूमिका का आरोप लगा रही है, तो दूसरी तरफ बचाव पक्ष गिरफ्तारी और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है।
फिलहाल रामगोपाल अग्रवाल की रिहाई का रास्ता लंबित मामलों में जमानत मिलने पर निर्भर है। वहीं, जेल में भूपेश बघेल की उनसे मुलाकात के बाद छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी फिर चर्चा में आ गई है।
