Bhupesh Baghel News: छत्तीसगढ़ की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता Bhupesh Baghel को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। पाटन विधानसभा चुनाव से जुड़े मामले में हाईकोर्ट के ताजा फैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उन पर निशाना साधा है। बीजेपी ने दावा किया है कि आने वाले समय में भूपेश बघेल की विधायकी भी खतरे में पड़ सकती है। हालांकि, अदालत के हालिया आदेश का मतलब यह नहीं है कि उनकी विधायकी तत्काल समाप्त हो गई है। मामला अभी चुनाव याचिका की सुनवाई और उसके अंतिम निर्णय से जुड़ा है।
हाईकोर्ट ने क्यों खारिज की Bhupesh Baghel की अर्जी?
पाटन विधानसभा चुनाव से जुड़े मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से दायर उस आवेदन को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने चुनाव याचिका की सुनवाई के दौरान अतिरिक्त मुद्दे शामिल करने की मांग की थी। यह फैसला जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की पीठ ने सुनाया।
यह चुनाव याचिका बीजेपी नेता विजय बघेल ने दायर की है। इसमें वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में पाटन सीट से Bhupesh Baghel की जीत को चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने 13 अक्टूबर 2026 को अतिरिक्त मुद्दे जोड़ने की मांग वाली अर्जी खारिज की। इसके बाद बीजेपी ने सोशल मीडिया के जरिए भूपेश बघेल पर राजनीतिक हमला बोला।
ध्यान देने वाली बात यह है कि अदालत ने इस आवेदन को खारिज किया है, न कि इस आदेश के जरिए भूपेश बघेल की विधायकी समाप्त की है। चुनाव याचिका पर अंतिम निर्णय अलग से होना है।
बीजेपी ने क्या दावा किया?
हाईकोर्ट के आदेश के बाद बीजेपी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए Bhupesh Baghel पर निशाना साधा। पार्टी ने दावा किया कि पाटन चुनाव मामले में उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं और भविष्य में उनकी विधायकी भी समाप्त हो सकती है।
बीजेपी का कहना है कि चुनावी नियमों के उल्लंघन से जुड़े आरोपों का जवाब अदालत में देना होगा और कानून से ऊपर कोई नहीं है। पार्टी ने इस मामले को भूपेश बघेल के लिए राजनीतिक और कानूनी चुनौती के तौर पर पेश किया है।
हालांकि, विधायकी खत्म होने को लेकर बीजेपी का बयान एक राजनीतिक दावा है। इसे अदालत का अंतिम फैसला नहीं माना जाना चाहिए।
क्या है पाटन विधानसभा चुनाव का पूरा मामला?
यह विवाद वर्ष 2023 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से जुड़ा है। पाटन सीट पर कांग्रेस के Bhupesh Baghel और बीजेपी के विजय बघेल के बीच मुकाबला हुआ था। चुनाव में भूपेश बघेल की जीत के बाद विजय बघेल ने उनके निर्वाचन को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल की।
याचिका में आरोप लगाया गया कि मतदान से पहले प्रचार पर लागू 48 घंटे की निषेध अवधि के दौरान रैली निकालकर चुनाव संबंधी नियमों का उल्लंघन किया गया। इसी आधार पर विजय बघेल ने भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती दी है।
ये आरोप चुनाव याचिका का हिस्सा हैं। इनकी सत्यता और चुनाव परिणाम पर इनके प्रभाव का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होना है।
पहले भी खारिज हो चुकी है Bhupesh Baghel की अर्जी
इस मामले में Bhupesh Baghel को इससे पहले भी राहत नहीं मिली थी। सितंबर 2026 में हाईकोर्ट ने उनकी उस अर्जी को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने चुनाव याचिका को शुरुआती स्तर पर ही निरस्त करने की मांग की थी। उनकी दलील चुनाव याचिका दाखिल करने की समय-सीमा से संबंधित थी।
इसके बाद मामले में आगे की सुनवाई और साक्ष्य दर्ज करने की प्रक्रिया जारी रहने का रास्ता खुला। ताजा आदेश में अदालत ने अतिरिक्त मुद्दे जोड़ने की मांग वाली उनकी एक और अर्जी खारिज कर दी है।
इन आदेशों का अर्थ यह है कि चुनाव याचिका की कार्यवाही आगे बढ़ रही है। इससे अपने-आप यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि चुनाव में नियमों का उल्लंघन साबित हो चुका है।
क्या Bhupesh Baghel की विधायकी खत्म हो जाएगी?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस मामले में भूपेश बघेल की विधायकी जा सकती है? फिलहाल, केवल अतिरिक्त मुद्दे जोड़ने की अर्जी खारिज होने से उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त नहीं होती।
विजय बघेल की चुनाव याचिका में लगाए गए आरोपों पर अदालत को कानूनी प्रावधानों, पक्षकारों की दलीलों और साक्ष्यों के आधार पर विचार करना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने भी अगस्त 2026 में इस चुनाव विवाद से जुड़े मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा था कि आरोपों और चुनाव परिणाम पर उनके प्रभाव का सवाल साक्ष्यों के आधार पर परखा जाना चाहिए।
यदि चुनाव याचिका पर अंतिम निर्णय में अदालत Bhupesh Baghel के निर्वाचन को कानून के तहत अमान्य घोषित करती है, तो उनकी विधानसभा सदस्यता पर असर पड़ सकता है। लेकिन ऐसा कोई निष्कर्ष अभी इस ताजा आदेश से नहीं निकाला जा सकता।
आगे क्या होगा?
अब सभी की नजर पाटन चुनाव याचिका की आगे की सुनवाई पर रहेगी। अदालत में आरोपों, साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार किया जाना है। मामले का अंतिम परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि भूपेश बघेल के निर्वाचन को लेकर क्या फैसला होता है।
फिलहाल, बीजेपी ने हाईकोर्ट के आदेश को लेकर राजनीतिक हमला तेज कर दिया है, जबकि Bhupesh Baghel की विधायकी पर अंतिम स्थिति अदालत के आगामी फैसले और लागू कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
