कवर्धा। कबीरधाम जिले में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई के दावे लगातार सामने आ रहे हैं, लेकिन इन कार्रवाइयों के बीच अब एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो रहा है—क्या पुलिस सिर्फ शराब लेकर जाने वाले छोटे स्तर के लोगों तक ही सीमित है, या अवैध शराब के पीछे सक्रिय बड़े सप्लायर और सरगना तक भी पहुंच पाएगी?
29 अगस्त को रणवीरपुर पुलिस चौकी ने ग्राम बीरेन्द्रनगर में मोटरसाइकिल से अवैध शराब का परिवहन करते एक युवक को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी ओम उर्फ तेजेश्वर मिश्रा (20 वर्ष), निवासी बीरेन्द्रनगर के कब्जे से अलग-अलग ब्रांड की 35 पौवा अंग्रेजी शराब, कुल 6,300 एमएल, बरामद की गई। शराब की कीमत ₹4,200 तथा परिवहन में इस्तेमाल मोटरसाइकिल की कीमत करीब ₹20 हजार बताई गई है। पुलिस ने कुल ₹24,200 का सामान जब्त किया है।
कार्रवाई हुई, लेकिन सवाल वहीं खड़ा है
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
कार्रवाई निश्चित रूप से पुलिस की जिम्मेदारी का हिस्सा है, लेकिन 35 पौवा शराब आखिर आई कहां से? इसे उपलब्ध कराने वाला कौन है? क्या आरोपी सिर्फ परिवहन करने वाला व्यक्ति था? यदि हां, तो शराब की सप्लाई चेन तक पुलिस कब पहुंचेगी?
क्योंकि आम तौर पर अवैध शराब के कारोबार में परिवहन करने वाला व्यक्ति सबसे निचली कड़ी हो सकता है। ऐसे में केवल उसे पकड़ लेने से क्या अवैध शराब के पूरे नेटवर्क पर रोक लग पाएगी?
सरहद पार से आती है शराब तो सप्लायर कौन?
रणवीरपुर क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यह सवाल और भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि यदि अन्य सरहदी जिलों या क्षेत्रों से अवैध शराब यहां पहुंच रही है, तो उसकी आपूर्ति करने वाले लोगों की पहचान और गिरफ्तारी कब होगी?
पुलिस द्वारा लगातार कोचियों और परिवहनकर्ताओं पर कार्रवाई की जा रही है, लेकिन यदि इसके बावजूद गांव-गांव अवैध शराब की उपलब्धता बनी हुई है तो कहीं न कहीं सप्लाई नेटवर्क अब भी सक्रिय होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
पूछता है कबीरधाम—बड़ी मछली कब आएगी गिरफ्त में?
एक युवक को 35 पौवा शराब के साथ पकड़कर कार्रवाई पूरी कर देना आसान है, लेकिन असली चुनौती उस व्यक्ति तक पहुंचना है जो शराब उपलब्ध कराता है, नेटवर्क संचालित करता है और छोटे-छोटे कोचियों के जरिए गांवों तक शराब पहुंचाता है।
क्या रणवीरपुर पुलिस इस मामले में गिरफ्तार युवक से पूछताछ कर शराब के स्रोत तक पहुंचेगी?
क्या पुलिस यह पता लगाएगी कि जब्त शराब किससे खरीदी गई थी?
क्या सप्लायर और कथित सरगना तक कार्रवाई पहुंचेगी?
कबीरधाम की जनता अब इन सवालों के जवाब चाहती है।
छोटी मछली गिरफ्त में आ गई है… अब इंतजार बड़ी मछली के गिरफ्त में आने का है।
