दुर्ग। ED की कार्रवाई से जुड़ी एक खबर को WhatsApp स्टेटस पर शेयर करना एक युवक के लिए परेशानी का कारण बन गया। आरोप है कि खबर स्टेटस पर लगाने के अगले दिन एक व्यक्ति ने युवक को फोन कर गाली-गलौज की और धमकी दी कि उसे मारते हुए थाने ले जाएगा और जेल में डलवा देगा। धमकी के बाद युवक डर के कारण गांव छोड़कर चला गया।
मामला पाटन थाना क्षेत्र का है। रूही गांव निवासी परमेश्वर सिंगौर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के मुताबिक, उन्होंने एक अखबार में प्रकाशित ED की कार्रवाई से संबंधित खबर को अपने WhatsApp स्टेटस पर लगाया था। खबर के नीचे उन्होंने ‘जामगांव एम’ लिखा था।
परमेश्वर का आरोप है कि स्टेटस देखने के अगले दिन जामगांव एम निवासी किराना दुकान संचालक अनिल चंद्राकर ने उन्हें फोन किया। फोन पर गाली-गलौज करते हुए धमकी देने का आरोप है। इस बातचीत की रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपे जाने की बात शिकायत में कही गई है।
स्टेटस लगाने के अगले दिन आया फोन
परमेश्वर के मुताबिक, 3 सितंबर को उन्होंने अखबार में छपी ED की कार्रवाई से जुड़ी खबर अपने स्टेटस पर लगाई थी। उनका कहना है कि उन्होंने यह खबर केवल उत्सुकता और जानकारी के लिए शेयर की थी।
शिकायत के अनुसार, 4 सितंबर को दोपहर करीब 1:40 बजे उनके मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम अनिल चंद्राकर बताया। परमेश्वर का आरोप है कि फोन उठाते ही उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी गई और उन्हें मारते हुए थाने ले जाने तथा जेल में डालने की धमकी दी गई।
युवक ने फोन करने वाले को समझाने की कोशिश की कि उसका किसी व्यक्ति को अपमानित करने का इरादा नहीं था और उसने केवल अखबार की खबर स्टेटस पर लगाई थी। इसके बावजूद धमकी देने का आरोप है।
बातचीत की रिकॉर्डिंग पुलिस को दी
परमेश्वर ने पुलिस को बताया कि वह फोन पर हुई बातचीत से डर गया था। उसने अपने दोस्त भोला राम सिंगौर के मोबाइल से बातचीत रिकॉर्ड कराई। शिकायत के मुताबिक, इस रिकॉर्डिंग को पेन ड्राइव में पुलिस को सौंपा गया है।
गांव आने की खबर मिली तो छोड़ दिया घर
शिकायत के अनुसार, उसी दिन करीब 3:10 बजे परमेश्वर को जानकारी मिली कि अनिल चंद्राकर गांव आए हैं और उसे बुला रहे हैं। गांव के ही हितेंद्र पटेल द्वारा फोन कर यह जानकारी दिए जाने की बात शिकायत में कही गई है।
परमेश्वर का आरोप है कि उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। इसके बाद डर के कारण वह गांव छोड़कर चला गया। उसने पुलिस को बताया कि उसे अपनी जान का डर है और इसी वजह से वह फिलहाल घर से बाहर रहने को मजबूर है।
ED केस वाले अनिल चंद्राकर से अलग है व्यक्ति
इस मामले में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि शिकायत में जिस अनिल चंद्राकर का जिक्र है, वह ED की कार्रवाई से जुड़े मामले में सामने आए अनिल चंद्राकर से अलग व्यक्ति है।
परमेश्वर का कहना है कि जिस खबर को उन्होंने स्टेटस पर लगाया था, उससे उनका व्यक्तिगत तौर पर कोई संबंध नहीं है। वह न तो इस मामले में गवाह हैं और न ही किसी जांच का हिस्सा हैं।
पुलिस ने दर्ज किया केस
परमेश्वर ने पुलिस को अखबार में प्रकाशित खबर की कॉपी और कथित फोन बातचीत की रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराई है। शिकायत के आधार पर पाटन पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(4) के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस अब फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।
किस मामले से जुड़ी थी खबर?
परमेश्वर ने जिस खबर को अपने WhatsApp स्टेटस पर लगाया था, वह ED की उस कार्रवाई से संबंधित थी, जिसमें CGPSC-2021 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक से जुड़े मामले की जांच का जिक्र था।
ED के अनुसार, जांच के दौरान अभ्यर्थियों से पैसे लेने और परीक्षा में अनुचित तरीके से चयन कराने के प्रयास से जुड़े आरोप सामने आए थे। एजेंसी के मुताबिक, इस मामले में उत्कर्ष चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर पर अभ्यर्थियों से करोड़ों रुपये लेने के आरोप हैं।
ED की जांच में करीब 2.80 करोड़ रुपये अनिल चंद्राकर को दिए जाने का भी उल्लेख किया गया था। इसी कार्रवाई से संबंधित खबर परमेश्वर ने अपने स्टेटस पर शेयर की थी।
