Kabirdham AI Campaign: अब गांवों में AI का इस्तेमाल, कबीरधाम में शुरू हुआ ‘मैं AI जागरूक हूं’ अभियान
Kabirdham AI Campaign: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI अब सिर्फ शहरों, कंपनियों या तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहने वाला है। कबीरधाम जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी AI की उपयोगिता और इसके व्यावहारिक इस्तेमाल को लेकर जागरूकता बढ़ाने की पहल शुरू की गई है। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति के निर्देश पर जिला प्रशासन ने सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘मैं AI जागरूक हूं’ अभियान को जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
इसी सिलसिले में समय-सीमा की बैठक में अभियान को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया गया। बैठक में कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, जिला पंचायत के सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्री नरेन्द्र पैकरा, रामप्रसाद आंचला समेत जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
सामुदायिक भवन के डिजाइन में AI का इस्तेमाल
बैठक के दौरान AI के व्यावहारिक इस्तेमाल का उदाहरण भी सामने रखा गया। ईई आरईएस श्री सुरेन्द्र पटेल ने बताया कि ग्राम समनापुर के पटेलपारा स्थित सामुदायिक भवन को आकर्षक स्वरूप देने के लिए AI तकनीक की मदद ली जा रही है।
AI की सहायता से भवन के स्वरूप और सौंदर्यीकरण से जुड़े अलग-अलग विचारों और संभावित डिजाइनों को देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए सामुदायिक भवन को ज्यादा आकर्षक और उपयोगी बनाना है।

प्रधानमंत्री आवास में भी काम आ सकता है AI
AI के इस्तेमाल का दायरा सिर्फ सामुदायक भवन तक सीमित नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घरों के निर्माण और उससे जुड़े कामों की बेहतर योजना बनाने में भी AI का इस्तेमाल किया जा सकता है।
इससे हितग्राहियों को घर के संभावित स्वरूप, जरूरी सुविधाओं और अलग-अलग डिजाइन विकल्पों को समझने में मदद मिल सकती है। यानी भविष्य में ग्रामीण क्षेत्रों में घरों की प्लानिंग और डिजाइन को लेकर भी AI एक उपयोगी तकनीक साबित हो सकता है।

ग्रामीणों को सिखाया जाएगा AI का सुरक्षित इस्तेमाल
जिला प्रशासन का फोकस AI को केवल आधुनिक तकनीक के तौर पर पेश करने के बजाय उसे आम लोगों के लिए उपयोगी बनाने पर है। ‘मैं AI जागरूक हूं’ अभियान के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को AI के सुरक्षित, जिम्मेदार और व्यावहारिक इस्तेमाल की जानकारी देने पर जोर दिया जाएगा।
प्रशासन का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के साथ लोगों को बदलती तकनीक के अनुरूप तैयार करने में मदद मिलेगी। सेवा संकल्प अभियान के जरिए तकनीकी जागरूकता को जनसशक्तिकरण से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

