कवर्धा। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिला कार्यालय में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों की बैठक लेकर कार्यालयीन व्यवस्था, लंबित प्रकरणों और विभिन्न शासकीय योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता और समयबद्धता के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने जिला कार्यालय में शत-प्रतिशत ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य संपादन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रणाली के उपयोग से कार्यालयीन कार्यों में गति, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। फाइलों और प्रकरणों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए तथा ई-ऑफिस के माध्यम से समय पर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
सुबह 10 बजे बायोमैट्रिक हाजिरी, 5:30 बजे के बाद कार्यालय छोड़ने के निर्देश
कलेक्टर ने संयुक्त जिला कार्यालय की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए सभी अधिकारी-कर्मचारियों को सुबह 10 बजे कार्यालय पहुंचकर बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी निर्धारित कार्यालयीन समय का गंभीरता से पालन करें और शाम 5:30 बजे से पहले कार्यालय न छोड़ें। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय पर उपस्थिति और कार्यालयीन अनुशासन बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने कार्यालयों में उपलब्ध फर्नीचर एवं अन्य संसाधनों की स्थिति की भी जानकारी ली। मरम्मत योग्य पुरानी कुर्सी-टेबल की आवश्यकतानुसार मरम्मत कराने तथा जर्जर और अनुपयोगी फर्नीचर को हटाने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यालय परिसर में स्वच्छता और व्यवस्थित रख-रखाव सुनिश्चित करने को कहा।
लंबित मेडिकल और यात्रा भत्ता प्रकरणों का जल्द हो निराकरण
स्थापना शाखा की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों के अवकाश का पंजी व्यवस्थित रूप से संधारित करने और सेवा संबंधी जानकारी को अद्यतन रखने के निर्देश दिए। उन्होंने मेडिकल, यात्रा भत्ता सहित कर्मचारियों से जुड़े अन्य लंबित प्रकरणों की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को पात्रता के अनुसार इनका शीघ्र एवं नियमानुसार निराकरण करने को कहा।
संजीवनी कोष और आरबीसी 6-4 की भी समीक्षा
बैठक में कलेक्टर ने संजीवनी कोष, जनसंपर्क निधि, स्वेच्छा अनुदान और आरबीसी 6-4 सहित विभिन्न महत्वपूर्ण प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पात्र हितग्राहियों और जरूरतमंदों को शासन की योजनाओं का समय पर लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
संजीवनी कोष की समीक्षा के दौरान उन्होंने पात्र मरीजों को योजना की जानकारी उपलब्ध कराने और उपचार के लिए नियमानुसार समय पर सहायता दिलाने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
डिजिटल फसल सर्वेक्षण और राजस्व मामलों की समीक्षा
कलेक्टर ने जिले में चल रहे डिजिटल फसल सर्वेक्षण की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने निर्धारित समय-सीमा में सर्वेक्षण पूरा करने तथा मैदानी अमले को सक्रियता से कार्य करने के निर्देश दिए। फसल संबंधी जानकारी सही और समय पर दर्ज करने पर भी जोर दिया।
इसके अलावा भू-अर्जन, स्वामित्व योजना, अभिलेख शुद्धता सहित विभिन्न राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने लंबित राजस्व मामलों का नियमानुसार और समयबद्ध निराकरण करने तथा राजस्व अभिलेखों में शुद्धता बनाए रखने के निर्देश दिए।
लिपिकों को दिए डिजिटल सिग्नेचर
बैठक के दौरान कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने संयुक्त जिला कार्यालय में कार्यरत लिपिकों को डिजिटल सिग्नेचर का वितरण भी किया। उन्होंने डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से कार्यालयीन कार्यों को तेज और सुगम बनाने तथा ई-ऑफिस प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर कलेक्टर श्री नरेन्द्र पैकरा, श्री रामप्रसाद आचला, डिप्टी कलेक्टर श्री सागर सिंह राज सहित जिला कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
