कुदरत के कहर के आगे इंसान की बनाई हर मशीन और तकनीक कैसे बेबस हो जाती है, इसका एक खौफनाक नजारा इटली में देखने को मिला है। यहां आए एक भयानक तूफान ने फोर्ली शहर के एयरपोर्ट पर ऐसी तबाही मचाई कि जमीन पर खड़े विमान भी तिनके की तरह हवा में उड़ने लगे। 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली इन तूफानी हवाओं ने न सिर्फ एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे को तहस-नहस कर दिया, बल्कि कई विमानों को पलटकर चकनाचूर कर दिया। इस तबाही का मंजर इतना भयानक था कि सुरक्षा के मद्देनजर पूरे एयरपोर्ट को ही बंद करना पड़ गया।
हवा में उछलकर जमीन पर गिरे विमान
इटली के लुइजी रिडोल्फी एयरपोर्ट पर 21 अगस्त को आए इस विनाशकारी तूफान के हैरान कर देने वाले वीडियो अब सामने आए हैं, जो इसकी भयावहता की गवाही दे रहे हैं। इन फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कैसे तेज और खूंखार हवाओं ने वहां खड़े कई हल्के और अल्ट्रालाइट विमानों को उनकी जगह से उखाड़ फेंका। देखते ही देखते चार विमान हवा में बुरी तरह उछलते, पलटते और फिर जमीन पर धड़ाम से गिरते नजर आए। छोटे और हल्के विमान अपने कम वजन और चौड़ी सतह के कारण इस बवंडर का सबसे ज्यादा शिकार हुए। इस घटना ने साबित कर दिया है कि गर्मियों के मौसम में अचानक उठा बवंडर कितनी जल्दी एविएशन सेक्टर के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
कुदरत के कहर के आगे इंसान की बनाई हर मशीन और तकनीक कैसे बेबस हो जाती है, इसका एक खौफनाक नजारा इटली में देखने को मिला है। यहां आए एक भयानक तूफान ने फोर्ली शहर के एयरपोर्ट पर ऐसी तबाही मचाई कि जमीन पर खड़े विमान भी तिनके की तरह हवा में उड़ने लगे। 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली इन तूफानी हवाओं ने न सिर्फ एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे को तहस-नहस कर दिया, बल्कि कई विमानों को पलटकर चकनाचूर कर दिया। इस तबाही का मंजर इतना भयानक था कि सुरक्षा के मद्देनजर पूरे एयरपोर्ट को ही बंद करना पड़ गया।
हवा में उछलकर जमीन पर गिरे विमान
इटली के लुइजी रिडोल्फी एयरपोर्ट पर 21 अगस्त को आए इस विनाशकारी तूफान के हैरान कर देने वाले वीडियो अब सामने आए हैं, जो इसकी भयावहता की गवाही दे रहे हैं। इन फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कैसे तेज और खूंखार हवाओं ने वहां खड़े कई हल्के और अल्ट्रालाइट विमानों को उनकी जगह से उखाड़ फेंका। देखते ही देखते चार विमान हवा में बुरी तरह उछलते, पलटते और फिर जमीन पर धड़ाम से गिरते नजर आए। छोटे और हल्के विमान अपने कम वजन और चौड़ी सतह के कारण इस बवंडर का सबसे ज्यादा शिकार हुए। इस घटना ने साबित कर दिया है कि गर्मियों के मौसम में अचानक उठा बवंडर कितनी जल्दी एविएशन सेक्टर के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
एयरपोर्ट की छत उड़ी, मच गई भारी अफरातफरी
तूफान की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हवाओं ने एयरपोर्ट की मजबूत इमारतों को भी नहीं बख्शा। यात्रियों के अराइवल एरिया में लगी छत का एक बड़ा हिस्सा तेज हवाओं के थपेड़ों से फटकर अलग हो गया। हालात इतने बेकाबू हो गए कि तुरंत दमकल विभाग और रेस्क्यू टीमों को मौके पर बुलाना पड़ा। यात्रियों और एयरपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से एयरपोर्ट को करीब एक घंटे के लिए पूरी तरह बंद कर दिया। हालांकि, इस भयानक प्राकृतिक आपदा के बीच सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि किसी भी इंसान के जान गंवाने या घायल होने की कोई खबर नहीं है।
23 हजार बार गिरी आसमानी बिजली, जलमग्न हुए कई इलाके
यह तूफान इटली के कई हिस्सों में चल रहे भयंकर खराब मौसम के बड़े दौर का ही एक हिस्सा था। फोर्ली-चेसेना और रावेन्ना प्रांतों के साथ-साथ लिगुरिया, लोम्बार्डी और एमिलिया-रोमाग्ना जैसे बड़े क्षेत्र भी इसकी चपेट में आ गए। टस्कनी में तो कुदरत का ऐसा रौद्र रूप दिखा कि वहां तूफान के दौरान 23,000 से ज्यादा बार आसमानी बिजली गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं। पीसा और फ्लोरेंस के तटीय इलाकों में हवाओं की रफ्तार 103 से 106 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। भारी बारिश के चलते कई जगहों पर बाढ़ के हालात बन गए, बड़े-बड़े पेड़ उखड़ गए और बिजली गुल हो गई। इस महाविनाश से निपटने और व्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने के लिए फायर ब्रिगेड को 150 से ज्यादा बार मदद के लिए दौड़ना पड़ा।
एयरपोर्ट की छत उड़ी, मच गई भारी अफरातफरी
तूफान की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हवाओं ने एयरपोर्ट की मजबूत इमारतों को भी नहीं बख्शा। यात्रियों के अराइवल एरिया में लगी छत का एक बड़ा हिस्सा तेज हवाओं के थपेड़ों से फटकर अलग हो गया। हालात इतने बेकाबू हो गए कि तुरंत दमकल विभाग और रेस्क्यू टीमों को मौके पर बुलाना पड़ा। यात्रियों और एयरपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से एयरपोर्ट को करीब एक घंटे के लिए पूरी तरह बंद कर दिया। हालांकि, इस भयानक प्राकृतिक आपदा के बीच सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि किसी भी इंसान के जान गंवाने या घायल होने की कोई खबर नहीं है।
23 हजार बार गिरी आसमानी बिजली, जलमग्न हुए कई इलाके
यह तूफान इटली के कई हिस्सों में चल रहे भयंकर खराब मौसम के बड़े दौर का ही एक हिस्सा था। फोर्ली-चेसेना और रावेन्ना प्रांतों के साथ-साथ लिगुरिया, लोम्बार्डी और एमिलिया-रोमाग्ना जैसे बड़े क्षेत्र भी इसकी चपेट में आ गए। टस्कनी में तो कुदरत का ऐसा रौद्र रूप दिखा कि वहां तूफान के दौरान 23,000 से ज्यादा बार आसमानी बिजली गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं। पीसा और फ्लोरेंस के तटीय इलाकों में हवाओं की रफ्तार 103 से 106 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। भारी बारिश के चलते कई जगहों पर बाढ़ के हालात बन गए, बड़े-बड़े पेड़ उखड़ गए और बिजली गुल हो गई। इस महाविनाश से निपटने और व्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने के लिए फायर ब्रिगेड को 150 से ज्यादा बार मदद के लिए दौड़ना पड़ा।
