छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के पुसौर नगर पंचायत में भाजपा के 8 पार्षदों के पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, पार्षदों ने अपना त्यागपत्र भाजपा जिला अध्यक्ष अरुंधर दीवान को भेजा है।
पार्षदों की ओर से विकास कार्यों की स्थिति और नगर पंचायत की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जताई गई है। उनके आवेदन में पानी, बिजली, सड़क और नाली जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कामों का मुद्दा उठाए जाने की बात सामने आई है।
इस्तीफे की खबर वायरल होने के बाद भाजपा का नोटिस
इस्तीफे से जुड़ा पत्र सामने आने के बाद भाजपा संगठन ने मामले को गंभीरता से लिया है। जिला भाजपा अध्यक्ष अरुंधर दीवान की ओर से सभी 8 पार्षदों को नोटिस जारी कर जवाब मांगे जाने की जानकारी सामने आई है।
भाजपा की ओर से कहा गया है कि पार्षदों ने संगठन को सीधे इस्तीफे की जानकारी नहीं दी थी और इस्तीफे की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए सामने आई। संगठन ने इसे अनुशासन से जुड़ा मामला बताया है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही गई है।
पार्षदों ने विकास कार्यों को लेकर जताई नाराजगी
पार्षदों की ओर से नगर पंचायत के कामकाज और विकास कार्यों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने अपने वार्डों में पानी, बिजली, सड़क और नाली जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़े काम अपेक्षित तरीके से नहीं होने की बात कही है।
इसके अलावा पार्षद निधि से जुड़े कार्यों को लेकर भी नाराजगी जताई गई है। हालांकि, इन आरोपों पर नगर पंचायत अध्यक्ष या संगठन की ओर से विस्तृत जवाब अलग-अलग रिपोर्टों में सामने आया है।
भाजपा ने कांग्रेस के दावे पर क्या कहा?
भाजपा जिला अध्यक्ष की ओर से इस पूरे घटनाक्रम के पीछे कांग्रेस की भूमिका होने की आशंका जताई गई है। संगठन का कहना है कि नगर पंचायत में पार्षदों के बीच किसी तरह की गुटबाजी या कलह नहीं है। यह भाजपा की ओर से किया गया दावा है।
वहीं कांग्रेस ने दावा किया है कि इस्तीफा देने वाले पार्षद उसके संपर्क में हैं और आने वाले समय में वे कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। कांग्रेस ने पार्षदों की नाराजगी को विकास कार्यों से जोड़ते हुए भाजपा पर सवाल उठाए हैं। यह दावा भी कांग्रेस की ओर से किया गया है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इस्तीफा स्वीकार हुआ या नहीं?
फिलहाल इन इस्तीफों के संगठनात्मक स्तर पर अंतिम रूप से स्वीकार होने की स्थिति स्पष्ट नहीं है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इस्तीफे को लेकर प्रक्रिया जारी है और भाजपा संगठन ने संबंधित पार्षदों से जवाब मांगा है।
अब 24 घंटे के भीतर पार्षद क्या जवाब देते हैं और भाजपा संगठन इस पर क्या कार्रवाई करता है, इस पर पुसौर की स्थानीय राजनीति की आगे की दिशा निर्भर करेगी।
