कवर्धा। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर कबीरधाम जिले की न्यू पुलिस लाइन जोराताल में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए देश के 154 पुलिसकर्मियों के नामों का वाचन किया, जिनमें छत्तीसगढ़ के 4 जवान भी शामिल हैं। इस दौरान शोक शस्त्र परेड के साथ वीर शहीदों को सलामी दी गई।
शोक शस्त्र परेड के साथ दी गई सलामी

प्रशिक्षु सूबेदार पायल प्रधान और प्रशिक्षु उप निरीक्षक सत्या नेताम के नेतृत्व में पुलिस जवानों ने शोक शस्त्र परेड की। शोक धुन के बीच अधिकारियों और कर्मचारियों ने मौन धारण कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पुलिस अधिकारियों, जवानों और शहीद परिवारों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किए।
शहीद परिवारों को किया सम्मानित

कार्यक्रम में शहीद आरक्षक झल्लू प्रसाद नेवले के बेटे जितेंद्र नेवले और बहू पूनम नेवले तथा शहीद आरक्षक धनसिंह मेरावी की बेटियों संगीता मेरावी और सविता मेरावी को शाल, श्रीफल और स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। पुलिस विभाग ने शहीद परिवारों के त्याग और बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
21 अक्टूबर को क्यों मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस?

21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 10 जवान शहीद हुए थे। उन्हीं के सर्वोच्च बलिदान की स्मृति में हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह दिन देश की सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा करते हुए प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों को याद करने का अवसर है।
शहीदों के आदर्शों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि

एसपी जितेंद्र कुमार यादव ने कहा कि शहीद पुलिसकर्मियों का साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने पुलिसकर्मियों से ईमानदारी, निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ जिम्मेदारी निभाने तथा नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रहने की अपील की।
वरिष्ठ अधिकारी और पुलिसकर्मी रहे मौजूद
समारोह में 17वीं वाहिनी के उप सेनानी प्रमोद गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार, डीएसपी आशीष शुक्ला, डीएसपी प्रमिला मंडावी, एसडीओपी पंडरिया भूपत सिंह, सहायक सेनानी मोनिका सिंह परिहार सहित जिले के थाना-चौकी प्रभारी, पुलिसकर्मी और शहर के नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन दुर्गेश पांडे ने किया।
कबीरधाम पुलिस ने इस अवसर पर शहीद जवानों के बलिदान को नमन करते हुए जनसेवा, कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
