नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े ‘शुद्धिकरण’ विवाद को लेकर केंद्र सरकार और बीजेपी-आरएसएस पर तीखा हमला बोला है। शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि दलित नेताओं के साथ इस तरह का व्यवहार संविधान और कानून के खिलाफ है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उत्तराखंड में कथित शुद्धिकरण अनुष्ठान करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज कराने का आदेश देने की मांग की।
राहुल गांधी ने राजस्थान की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस के दलित सांसद के मंदिर जाने के बाद बीजेपी नेताओं ने कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ की रस्म की। उन्होंने इसी तरह का मामला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी जनसभा से भी जोड़ा।
राहुल गांधी ने कहा कि खड़गे ने अपना पूरा जीवन देश और संविधान को समर्पित किया है। उनके मुताबिक, हल्द्वानी के रामलीला मैदान में उनके भाषण के बाद भी शुद्धिकरण की रस्म की गई। राहुल गांधी ने इसे अस्पृश्यता से जोड़ते हुए कहा कि संविधान में छुआछूत को गैरकानूनी घोषित किया गया है और इस तरह की गतिविधियां अपराध की श्रेणी में आती हैं।
FIR दर्ज कराने की मांग
#WATCH दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, “राजस्थान में हमारे CLP नेता मंदिर जाते हैं, तो भाजपा नेता ‘शुद्धिकरण’ करते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे जी, जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश और संविधान के लिए दिया है, हल्द्वानी के रामलीला मैदान में भाषण देने जाते हैं, तो… pic.twitter.com/HonJ4sfWMA
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 29, 2026
राहुल गांधी ने कहा कि कथित शुद्धिकरण की घटना अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कानून के तहत कार्रवाई का मामला है। उन्होंने प्रधानमंत्री से उत्तराखंड में संबंधित लोगों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज कराने का आदेश देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री खुद को हर जाति और पूरे देश का प्रधानमंत्री बताते हैं, ऐसे में खड़गे को न्याय दिलाना केंद्र और राज्य सरकार दोनों की जिम्मेदारी है।
‘यह सिर्फ खड़गे का मुद्दा नहीं’
राहुल गांधी ने कहा कि यह मामला केवल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के हर दलित व्यक्ति से जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर खड़गे से बातचीत भी की है।
राहुल गांधी के मुताबिक, अगर देश के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ खुले तौर पर ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो आम दलित लोगों के सामने आने वाली चुनौतियों का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को संविधान और समानता की लड़ाई के तौर पर उठा रही है।
बीजेपी की नई टीम पर भी बोले राहुल
बीजेपी के नए संगठनात्मक बदलाव को लेकर पूछे गए सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें बीजेपी के नए या पुराने संगठन से कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की लड़ाई किसी व्यक्ति या संगठन से ज्यादा विचारधारा की है और पार्टी संविधान की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
उत्तराखंड के मंत्री ने आरोपों को बताया गलत
वहीं उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री खजान दास ने राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे के जरिए दलित समुदाय को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।
खजान दास ने दावा किया कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में शुद्धिकरण की घटना का खड़गे के अपमान से कोई संबंध नहीं था। उन्होंने कहा कि बीजेपी इस तरह की किसी गतिविधि से खुद को पूरी तरह अलग करती है। यदि किसी संगठन ने वहां हवन या कोई धार्मिक अनुष्ठान किया है, तो वह उसका निजी मामला है।
CWC बैठक में खड़गे ने जताया था दुख
इस विवाद के बीच कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की थी। बताया गया कि खड़गे ने बैठक में मौजूद नेताओं से कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि CWC के कई सदस्यों ने कथित शुद्धिकरण के मुद्दे पर खुलकर उनकी निंदा और समर्थन नहीं किया।
