चमोली। उत्तराखंड के पंच केदारों में शामिल प्रसिद्ध भगवान रुद्रनाथ धाम के कपाट इस वर्ष 17 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। मंदिर के कपाट बंद करने की तिथि ज्योतिषीय गणना और पंचांग के अध्ययन के बाद तय की गई है।
रुद्रनाथ मंदिर के पुजारी पंडित हरीश भट्ट ने बताया कि 17 अक्टूबर, कार्तिक संक्रांति के दिन शाम 7 बजकर 47 मिनट पर सूर्य के तुला राशि में प्रवेश करने के शुभ मुहूर्त में भगवान रुद्रनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे।
11,200 फीट की ऊंचाई पर स्थित है रुद्रनाथ धाम
समुद्र तल से करीब 11,200 फीट की ऊंचाई पर स्थित रुद्रनाथ धाम में इस वर्ष श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ देखने को मिली है। कपाट खुलने के बाद से अब तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए यहां पहुंच चुके हैं।
मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना अभी भी जारी है। कपाट बंद होने के बाद शीतकाल के दौरान यहां नियमित दर्शन व्यवस्था बंद रहेगी और भगवान रुद्रनाथ की पूजा-अर्चना शीतकालीन गद्दीस्थल पर परंपरा के अनुसार की जाएगी।
पंच केदारों में विशेष महत्व
रुद्रनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित पंच केदार मंदिरों में से एक है। प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक आस्था के कारण हर साल देशभर से श्रद्धालु कठिन पैदल यात्रा कर रुद्रनाथ धाम पहुंचते हैं।
