गौठान में 30 गौमाता की अचानक मौत से हड़कंप, बीमारी या किसी और वजह का पता लगाने में जुटी टीम
बलौदाबाजार जिले के ग्राम सूरजपूरा स्थित गौठान में करीब 30 गौमाता की अचानक मौत का मामला सामने आया है। एक साथ बड़ी संख्या में गौमाता की मौत की खबर से ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। आखिर इतनी बड़ी संख्या में गौमाता की मौत किस वजह से हुई, इसे लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हुई है और पशु चिकित्सा विभाग की टीम पूरे मामले की जांच में जुटी है।
एक साथ करीब 30 गौमाता की मौत से बढ़ी चिंता
ग्राम सूरजपूरा के गौठान में अचानक कई गौमाता की मौत की सूचना सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर हलचल बढ़ गई। करीब 30 गौमाता की मौत ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
एक साथ इतनी संख्या में गोवंश की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि इसके पीछे आखिर क्या कारण है। क्या किसी बीमारी की वजह से गौमाता की तबीयत बिगड़ी, चारा या पानी से संबंधित कोई समस्या हुई या फिर इसके पीछे कोई अन्य वजह है? इन सवालों का जवाब फिलहाल जांच के बाद ही सामने आएगा।
मौके पर पहुंची पशु चिकित्सा विभाग की टीम
गौमाता की मौत की जानकारी मिलने के बाद पशु चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। टीम द्वारा गौमाता के स्वास्थ्य, मौत से पहले दिखाई दिए संभावित लक्षणों और गौठान में मौजूद परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
मौत की निश्चित वजह का पता लगाने के लिए आवश्यक जांच की जा रही है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी एक कारण को गौमाता की मौत के लिए जिम्मेदार मानना उचित नहीं होगा।
कुछ दिन पहले सूअरों की मौत से जुड़ा था अफ्रीकन स्वाइन फीवर
सूरजपूरा में गौमाता की मौत का मामला ऐसे समय सामने आया है, जब बलौदाबाजार जिले में कुछ समय पहले सूअरों की मौत का मामला भी सामने आया था। ग्राम टेहका में कई सूअरों की मौत को अफ्रीकन स्वाइन फीवर से जोड़े जाने की जानकारी सामने आई थी।
इसके बाद सूरजपूरा में गौमाता की मौत की घटना ने ग्रामीणों के बीच यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध हो सकता है। हालांकि, गौमाता की मौत और सूअरों में सामने आए अफ्रीकन स्वाइन फीवर के बीच किसी संबंध की अब तक कोई पुष्टि नहीं हुई है।
भाटापारा में करीब 40 सूअरों की मौत के बाद बढ़ी थी सतर्कता
कुछ समय पहले भाटापारा क्षेत्र में टेहका रोड स्थित विवान पिक फार्म हाउस में करीब 40 सूअरों की मौत का मामला सामने आया था। जांच में इन मौतों को अफ्रीकन स्वाइन फीवर से जोड़े जाने की जानकारी सामने आई थी।
इसके बाद पशु चिकित्सा विभाग की ओर से क्षेत्र में निगरानी और संक्रमण को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई थी। अब सूरजपूरा गौठान में गोवंश की मौत की घटना सामने आने के बाद ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।
क्या है अफ्रीकन स्वाइन फीवर?
अफ्रीकन स्वाइन फीवर एक वायरल बीमारी है, जो घरेलू और जंगली सूअरों को संक्रमित करती है। यह बीमारी सूअरों के लिए गंभीर हो सकती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अफ्रीकन स्वाइन फीवर इंसानों में संक्रमण नहीं फैलाता है।
संक्रमित सूअरों में तेज बुखार, कमजोरी और रक्तस्राव जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, सूरजपूरा गौठान में हुई गौमाता की मौत को अफ्रीकन स्वाइन फीवर से जोड़ना फिलहाल सही नहीं होगा, क्योंकि इस संबंध में कोई पुष्टि सामने नहीं आई है।
जांच रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
फिलहाल सूरजपूरा गौठान में करीब 30 गौमाता की अचानक मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। पशु चिकित्सा विभाग की जांच के बाद ही यह पता चल सकेगा कि इन मौतों के पीछे बीमारी, संक्रमण, चारा-पानी से जुड़ी समस्या या कोई अन्य कारण था।
ग्रामीणों के बीच घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं, लेकिन आधिकारिक जांच पूरी होने से पहले किसी भी संभावित वजह को अंतिम कारण मानना उचित नहीं होगा।
अब ग्रामीणों की नजर जांच रिपोर्ट पर है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सूरजपूरा गौठान में इतनी बड़ी संख्या में गौमाता की अचानक मौत आखिर किन परिस्थितियों में हुई।
