रायपुर। छत्तीसगढ़ में PM आवास योजना को लेकर चल रही सियासी जंग अब आमने-सामने की बहस तक पहुंच गई है। रायपुर प्रेस क्लब में आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के बीच PM आवास के मुद्दे पर LIVE डिबेट हुई। बहस में दोनों नेता अपने-अपने दावों और आंकड़ों के साथ एक-दूसरे पर सवाल उठा रहे हैं।
डिबेट के दौरान PM आवास की संख्या और स्वीकृति को लेकर दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस देखने को मिली। विजय शर्मा ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल और PM आवास को लेकर कई सवाल उठाए, जबकि भूपेश बघेल ने कोरोना काल और केंद्र सरकार की प्रक्रिया का हवाला देते हुए अपनी सरकार का पक्ष रखा।
‘मोर आवास, मोर अधिकार आंदोलन हमारा था’
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बहस के दौरान कहा कि ‘मोर आवास, मोर अधिकार’ आंदोलन भाजपा का था। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट में ही 18 लाख PM आवास को मंजूरी दी।
विजय शर्मा के मुताबिक, 25 सितंबर 2023 को कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में PM आवास की स्वीकृति का मुद्दा सामने आया था। उन्होंने दावा किया कि उस समय करीब सात लाख आवास स्वीकृत किए गए, लेकिन केवल करीब 84 हजार लोगों तक राशि पहुंची।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में 11.75 लाख से ज्यादा PM आवास पूरे किए जा चुके हैं।
कांग्रेस सरकार ने पांच साल में सिर्फ तीन लाख आवास बनाए: शर्मा
विजय शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल में केवल करीब तीन लाख PM आवास बनाए। उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़ ने वर्ष 2025-26 में देश में सबसे ज्यादा PM आवास बनाए हैं।
इसी दौरान उन्होंने तत्कालीन पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री TS सिंहदेव के इस्तीफे का मुद्दा भी उठाया। शर्मा ने कहा कि PM आवास नहीं बन पाने के कारण सिंहदेव ने इस्तीफा दिया था।
भूपेश बघेल बोले- कोरोना काल में RBI से लेना पड़ा लोन
इसके जवाब में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान उनकी सरकार ने PM आवास को लेकर स्वीकृति जारी नहीं की थी। उन्होंने कहा कि उस समय राज्यों की आर्थिक स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण थी और कर्मचारियों को वेतन देने तक की समस्या सामने आ रही थी।
बघेल ने कहा कि उनकी सरकार को कोरोना काल में RBI से लोन लेना पड़ा था। उन्होंने केंद्र सरकार पर PM आवास के पोर्टल को बंद करने का आरोप भी लगाया।
भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार के 18 लाख PM आवास स्वीकृत किए जाने के दावे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र में शिवराज सिंह चौहान अब तक करीब 10 लाख PM आवास की स्वीकृति की बात कह चुके हैं और सरकार के आंकड़ों के अनुसार यह संख्या बढ़कर करीब 46 लाख तक पहुंच गई है।
‘भूपेश बघेल गलत काउंटिंग कर रहे हैं’: विजय शर्मा
भूपेश बघेल के तर्कों पर पलटवार करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि बघेल पूरी बात समझ रहे हैं, लेकिन उसे अलग तरीके से समझाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भूपेश बघेल PM आवास के आंकड़ों की गलत काउंटिंग कर रहे हैं। शर्मा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को अपने पद की गरिमा के अनुरूप बात करनी चाहिए।
बहस के दौरान विजय शर्मा ने यह भी कहा कि भूपेश बघेल लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं।
‘भूपेश बघेल समझ रहे हैं, लेकिन समझाना दूसरा चाहते हैं’
जब भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि PM आवास के मुद्दे पर राजनीति की जा रही है, तब विजय शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि भूपेश बघेल सब समझ रहे हैं, लेकिन समझाना कुछ और चाहते हैं।
इस दौरान दोनों नेताओं के बीच योजना के आंकड़ों और सरकारों के कार्यकाल को लेकर लगातार सवाल-जवाब होते रहे।
‘भूपेश बघेल बार-बार गुगली कर रहे हैं’
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार PM आवास के लिए केंद्र के पोर्टल पर पैसा डालना नहीं चाहती थी। उन्होंने भूपेश बघेल के इस दावे को भी खारिज किया कि PM आवास का पोर्टल बंद था।
शर्मा ने कहा कि केंद्र का पोर्टल PM आवास के लिए बंद नहीं था और भूपेश बघेल बार-बार ‘गुगली’ कर रहे हैं।
उन्होंने एक बार फिर TS सिंहदेव के इस्तीफे का जिक्र करते हुए कहा कि तत्कालीन विभागीय मंत्री ने इस्तीफा दिया था। विजय शर्मा ने दावा किया कि सिंहदेव ने अपने इस्तीफे में भूपेश बघेल का नाम भी लिखा था।
अब किसके आंकड़े पड़ेंगे भारी?
PM आवास को लेकर हुई इस बहस में दोनों नेताओं ने अपने-अपने दावे और आंकड़े सामने रखे हैं। एक तरफ विजय शर्मा भाजपा सरकार की उपलब्धियां गिना रहे हैं, तो दूसरी ओर भूपेश बघेल पिछली कांग्रेस सरकार के सामने आई आर्थिक और कोरोना काल की परिस्थितियों का हवाला दे रहे हैं।
ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 18 लाख PM आवास के मुद्दे पर किसके आंकड़े और तर्क जनता को ज्यादा प्रभावित करते हैं? बहस में आगे और कौन से मुद्दे सामने आते हैं और दोनों नेता एक-दूसरे के दावों पर क्या पलटवार करते हैं, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।
